बुरका पहन कर समाज में आगे निकल रही हैं कश्मीर की लड़कियां

0
500
Baramulla : Cricket in burqa. A woman cricketer in Baramulla defying social restrictions in her passion for the sport. PTI Photo (STOTRY DEL18) (PTI10_2_2017_000052B)

बारामूला
बुर्के और हिजाब पहनकर क्रिकेट की पिच पर अपने फन का जलवा दिखाने उतरी यहां की महिला क्रिकेटरों ने सिर्फ मैदान पर अपने प्रतिद्वंद्वियों को ही नहीं बल्कि समाज और मजहब की कई बेड़ियों को भी चुनौती दी है। बारामूला के सरकारी महिला कॉलेज की कप्तान इंशा उत्तरी कश्मीर के इस शहर में और घाटी में नई परिपाटियां कायम करने वाली युवा खिलाड़ियों में से एक हैं।

चौथे सेमिस्टर की छात्रा इंशा ने कहा, ‘बेखौफ आजाद रहना है मुझे।’ उसने ये अल्फाज आमिर खान के टॉक शो सत्यमेव जयते से लिए हैं। उसकी साथी खिलाड़ी भी इस राय से इत्तेफाक रखती हैं, जो बुर्के और हिजाब में क्रिकेट खेलकर परंपरा और खेल के जुनून के बीच संतुलन बनाए हुए हैं। प्रथम वर्ष की छात्रा राबिया हरफनमौला है और बारामूला में बुर्के में खेलती हैं, जबकि श्रीनगर में हिजाब पहनकर मैदान पर उतरती हैं।

एक दिहाड़ी मजदूर की बेटी राबिया जमात ए इस्लामिया के दबदबे वाले बारामूला शहर की है। इंशा ने भी बुर्का पहनकर खेलना शुरू किया लेकिन लोगों ने इसकी काफी निंदा की। इससे डरे बिना वह हिजाब पहनकर खेलती है और बल्ला लेकर स्कूटी से कालेज जाती है। उसने कहा, ‘यह सफर आसान नहीं था। जब मैं क्रिकेट का बल्ला लेकर मैदान पर उतरती, तो लोग अब्बा से मेरी शिकायत करते। मेरे परिवार ने मेरा साथ दिया।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here